गोबिंद कुमार यादव

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शनिवार, 16 मई 2020

"मजदुर"

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                                          "मजदुर"             मुफ़लिसी का दर्द ए बयां यह था कि अपनों से, अपने गाँव से, अपनी...
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मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

सागर-कन्या और खग-शावक यात्रा वृतांत की समीक्षा

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          सागर‌‌‌‌‌‌-कन्या और खग-शावक अज्ञेय द्वारा लिखित एक यात्रा वृतांत है जिसमे उन्होंने ने डेनमार्क की संस्कृति के माध्यम से भारतीय स...

'काव्य में लोकमंगल की साधनावस्था' निबंध की समीक्षा।

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   काव्य में लोकमंगल की साधनावस्था आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा लिखित एक वैचारिक निबंध है। यह निबंध विचार प्रधान होते हुए भी भावुकता और बुद...
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शुक्ल युगीन हिंदी आलोचना की प्रवृतियां।

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      हिंदी में विशुद्ध आलोचना का प्रारंभ शुक्ल युग से माना जाता है। शुक्ल पूर्व हिंदी आलोचना में ना कोई आदर्श था ना कोई सिद्धांत। शुक्ल के...
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शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

'आहुति' कहानी की समीक्षा।

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                     प्रेमचंद की कहानी 'आहुती'                                                                    - गोबिंद कुमार य...
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