गोबिंद कुमार यादव
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शुक्रवार, 23 जुलाई 2021
रेखाचित्रकार महादेवी वर्मा
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रेखाचित्रकार महादेवी वर्मा :- महादेवी वर्मा ‘छायावाद’ युग के प्रमुख आलोक स्तम्भों में से एक हैं। प्रसाद, निराला, पंत जैसे कवियों की इस काव...
शनिवार, 3 जुलाई 2021
भाषा और उसके अभिलक्षण
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मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है इससे उनका एक दूसरे के संपर्क में आना स्वाभाविक है। संपर्क में आने पर विचार विनिमय अनिवार्य है। अतः जिस साधन...
बुधवार, 30 जून 2021
रजिया रेखाचित्र के आधार पर रजिया का चरित्र चित्रण
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रजिया रामबृक्ष बेनीपुरी के रेखाचित्र संग्रह 'माटी की मुर्ते' में संग्रहित है जिसमे उन्होंने ग्राम चरित्रों को बखूबी चित्रित किया ...
महाकवि जयशंकर प्रसाद रेखाचित्र के आधार पर प्रसाद का चरित्र-चित्रण
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'महाकवि जयशंकर प्रसाद' शीर्षक रेखाचित्र में शिवपूजन सहाय ने बताया कि प्रसाद महान् साहित्यकार एवं महाकवि थे। इसके अलावा वे वि...
नाखून क्यों बढ़ते हैं? निबंध की समीक्षा
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नाखून क्यों बढ़ते हैं? निबंध की समीक्षा नाखून क्यों बढ़ते हैं? एक ललित निबंध है। जिसमें भारतीयता, उसकी महत्ता, यहां के लोगों की सामाज...
1 टिप्पणी:
सोमवार, 10 मई 2021
वापसी कहानी की समीक्षा
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पसी कहानी उषा प्रियंवदा की प्रमुख कहानियों में से एक है जिसमे उन्होंने दो पीढियो के द्वंद को दिखाया गया है । पीढियो के द्वंद से उपजी त्रासद...
1 टिप्पणी:
शनिवार, 24 अप्रैल 2021
नाटक के प्रकार -एब्सर्ड, नुक्कड़, समस्या, रेडियो नाटक
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एब्सर्ड नाटक एब्सर्ड नाटक का शाब्दिक अर्थ असंगत, बेतुका, अनर्गल, निरर्थक आदि होता है। पश्चिम में बीसवीं सदी के प्रारंभिक दशकों में ही इसका...
मंगलवार, 19 जनवरी 2021
हिंदी साहित्य का आदिकाल- हजारी प्रसाद द्विवेदी ( पुस्तक समीक्षा )
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आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित हिंदी साहित्य का आदिकाल सन 1952 ईस्वी में पहली बार प्रकाशित हुआ जो समय-समय पर दिए गए उनके ...
शनिवार, 5 दिसंबर 2020
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की निबन्ध-कला
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आचार्यरामचन्द्र शुक्ल (1884-1941 ई.) हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ निबन्धकार हैं। चिन्तामणि में संकलित निबन्धों में शुक्लजी की निबन्ध कल...
2 टिप्पणियां:
रामविलास शर्मा की आलोचना दृष्टि
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रामविलास शर्मा की आलोचना दृष्टि - गोबिंद कुमार यादव ...
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